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Sushil Gangwar
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INTRODUCTION The world has recently seen a nuclear disaster during the Tsunami in Japan, pol...
Dr. Surendra pathak · Feb 11, 09:00AM
Welcome to our social media site! Pressvarta.com - Sakshatkar.com is totally dedicated for Journalism . PLz make your profile and write on wall. Sushil Gangwar is working in the field of Journalism last 12years . Sakshatkar have long chain of Portals www.mediadalal.com www.sakshatkar.com www.sakshatkartv.com www.sakshatkar.org www.pressvarta.com www.writerindia.com www.bollywooddalal.com .www.worldagainstcorruptions.com www.worldagainstcorruption.org. Sushil Gangwar is the founder of Sakshatkar Group .He have long experience in media -film industry . Sushil Gangwar want to create history in media world. Do you want to help for Sakshatkar Group . Join Now .Feel free to participate in our community!
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    Yesterday, 01:53AM 
  • Sushil gangwar भड़ास 4 मीडिया डाट काम चलते चलते 4 साल हो चुके है इसका असर लोगो में दिखाई देने लगा है भड़ास के पाठक ने लिखा है की भड़ास ४ मीडिया बिना पढ़े नीद नहीं आती है मै भाई आपकी बात सहमत हु | सच यह है मुझे भी भड़ास ४ मीडिया की लत लग गयी है लत छुडाये नहीं छूटने वाली है | भड़ास के पीछे यशवंत सिंह का बड़ा योगदान है चाहे कैसे भी करके भड़ास ४ मीडिया को मीडिया को अपनी जगह दिलवाई है |

    मै भड़ास से इस कदर प्रेरित हुआ की मैंने खुद ही भड़ास बुक डाट .कॉम शुरू कर दिया | मीडिया में सबसे ज्यादा प्रेरित तरुण तेजपाल और यशवंत सिंह ने किया है | अगर यह लोग मीडिया में नहीं होते तो मेरी मीडिया में पहचान नहीं होती | कही न कही यह दोनों लोग मेरे मीडिया करियर के लिए जिम्मेदार है | www.bahdasbook.com www.mediadalal.com
    Yesterday, 01:53AM 
  • Sushil gangwar Bhadasbook.com --कुछ नया करने की चाहत में शुरू किया भड़ास बुक डाट .कॉम----सुशील के बारे में जितना कहा जाये उतना कम है | कम संसाधन में आगे बढ़ते रहने की जिद और हमेशा चर्चा में बने रहने की आदत है कुछ नया करने की चाहत लेकर हर दिन कुछ नया करते है | अगर गिनती की जाये तो अब तक सुशील जी की ११ न्यूज़ साईट है जो किसी न किसी मुद्दे से जुडी है | जब मैंने एक बार सुशील से फ़ोन पूछा इतनी साईट चलाने से क्या फायदा है www.bhadasbook.com www.mediadalal.com www.bollywooddalal.com
    Yesterday, 01:53AM 
  • Sushil gangwar www.bhadasbook.com -अगर आप खबर , लेख , कविता , कहानी लिखते है तो आपकी रचना एक साथ दस न्यूज़ साईट में छापी जाएगी | आप अपनी रचना को स्थान पाने के लिए तुरंत मेल करे | फ़ोन -09167618866 www.sakshatkar.com www.mediadalal.com www.bollywooddalal.com
    Yesterday, 01:53AM 
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    Yesterday, 01:52AM 
  • Apr 20
  • Sushil gangwar निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु ?--------
    निर्मल बाबा बुरी तरह फस चुके है कभी वह अपने भक्तो को सफाई देते है तो कभी मीडिया पर लांछन लगा रहे है । किस किसको सफाई देगे बाबा । कृपा से निर्मल बाबा का भला हुआ है भक्तो नहीं , मगर अभी भी कुछ भक्त बाबा के गुणगान गा रहे है ।

    निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु ? इसके लिए मुझे क्या करना होगा ये मुझे निर्मल बाबा बताये । हर बन्दे की जिन्दगी में दर्दो गम होता है । मेरे भी जिन्दगी का गम दूर करो निर्मल बाबा ।

    एडिटर
    सुशील गंगवार
    मीडिया दलाल .कॉम
    साक्षात्कार.कॉम
    Apr 20 
  • Apr 13
  • मैं निर्मल बाबा के साथ हूं.

    मैं निर्मल बाबा के साथ हूं. कम से कम अब तो साथ हूं. दिल खोल के साथ हु निर्मल बाबा अकेले नहीं है संसार में अनेको ढोगी बाबा है जो ढोग का लिवास पह...
    Apr 13 
  • Mar 30
  • Angry Birds-By-Kamlesh Bahukhandi
    So last week  was of ups and downs . Mamata Banerjee didn’t get convinced  even in her own language , and we have a new Railway Minister. Hi...
    Mar 30 
  • Feb 26
  • मीडिया में सरे आम नंगा करने का चलन चल पड़ा है
    मीडिया में सरे आम नंगा करने का चलन चल पड़ा है , अगर हम कहे की तुम मेरे बारे में लिखो और हम तुम्हारे बारे में । बीते दिनों में   पत्रकार...
    Feb 26 
  • Feb 25
  • कलम तुम ही घसीट लेते हो तो यशवंत सिंह सोच को बदल डालो
    कलम तुम ही घसीट लेते हो तो यशवंत सिंह सोच को बदल डालो


    मुझे डर नहीं लगता है की मेरी साईट  ब्लॉगर पर चलती है ? पिछले सात से  साक्षात्कार ...
    Feb 25 

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Sushil gangwar · Apr 5 '11
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Sushil gangwar · Dec 31 '10
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बाबाओं के ढोंग की बाते सुनते ही मेरे मन में क्रोध आता है आखिर करू तो क्या करू ? निर्मल बाबा का डंका जोर जोर से बज रहा है जिसे हर भक्त और पूरा देश सुन रहा है । तंत्र मंत्र वशीकरण के जरिये भक्तो को बस में करने में माहिर बाबाओ की लिस्ट लम्बी है जो तंत्र क्रिया में परिपूर्ण भी नहीं है ।


निर्मल बाबा के बारे में करीव ८ महीने पहले ही बहुत कहने का मन था । जैसा सोचा वैसा ही हुआ । निर्मल बाबा की काली दुनिया का रह्श्य खुल गया । निर्मल बाबा शुरू से ही पूजा पाठ किया करते थे । शुरू में ढंग से मंत्र बोलना भी नहीं आता था । पंडितो की चंडाल चौकड़ी बिठा कर सीखना शुरू किया और किताबो की मदद से बहुत कुछ सीख लिया ।


कारोबार में फलाफ होने के बाद बाबा ने अपनी भक्ति की दूकान डेल्ही में सजानी शुरू की ? शुरू में भाड़े के पंडित से पूजा पाठ करवाते थे और बीच माल खुद हजम कर जाते थे । निर्मल बाबा ने तंत्र मंत्र और वशीकरण क्रिया भी सीख ली , जो भी एक बार निर्मल बाबा से मिलता, वह बाबा का भक्त बन जाता था ।



सम्मोहन क्रिया - तंत्र मंत्र - वशीकरण के बल पर निर्मल जीत नरूला उर्फ़ निर्मल बाबा बन गए । निर्मल बाबा को अपने भक्तो को मुर्ख बना कर माल कमाना शुरू कर दिया । अगर आप किसी को ५ बाते बोलेगो तो उसमे से २ बाते सही ही होगी । किसी का चेहरा पढना बहुत बड़ी बात नहीं है देश में बहुत सारे लोग है जो आपका चेहरा देखते ही बिना कुछ बताये आपके बारे में जानकारी देना शुरू कर देगे । चेहरा पढना बहुत कठिन काम नहीं है ।


निर्मल बाबा बोलते है अगर आप दसबंद देना बंद कर देगे तो आपकी कृपा रुक जाएगी । यह कृपा कैसे रुक जाती है हम बता देते है । तंत्र मंत्र और वशीकरण के जरिये किसी के काम बाधा डाली जा सकती है । निर्मल बाबा के पास अपने भक्तो की लिस्ट रहती है जो मोटा पैसा देता है बाबा का स्टाफ फ़ोन करके दसबंद के नाम पैसा उघाते है और बोलते जो काम आपका चल रहा है वह बाबा की ही कृपा है । अगर भक्त पैसा नहीं देता है बाबा अपने तंत्र मंत्र विद्या के जरिये काम में रूकावट डालने लगते है ।


भक्त घबरा कर समागम में जाता है और उससे २००० रूपये बसूल लिए जाते है जो लोग व्यक्तिगत मीटिंग में जाते है उससे काफी पैसा बसूला जाता है आज कल बाबा ने व्यक्तिगत मिलना बंद कर दिया है ये बिलकुल गलत है वह आज भी मिलते है मगर मिलने का रेट मोटा हो गया है ।